भादी अमावस्या की पूर्व संध्या पर भादो की चौदस के पावन अवसर पर हुआ भव्य ज्योत एवं जागरण संजीव शर्मा के मधुर भजनों ने बांधा समां, सपरिवार पहुंचे श्रद्धालुओं ने दादी जी से सुख-समृद्धि की कामना की
सोनभद्र। विंध्यलीडर संवाददाता । भादी अमावस्या की पूर्व संध्या एवं भादो की चौदस के पावन अवसर पर श्री राणी सती दादी जी के मंदिर में भव्य ज्योत एवं जागरण का आयोजन किया गया। श्री राणी सती दादी मंदिर की कमेटी के सदस्यों द्वारा आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में करीब हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। दादी जी के जयकारों और मधुर भजनों से देर रात तक गूंजता रहा मंदिर परिसर ।

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना एवं ज्योत प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद जागरण में सोनभद्र के प्रसिद्ध भजन गायक संजीव शर्मा ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण आवाज में दादी जी के चरणों में भजनों की प्रस्तुति दी। उन्होंने “भक्तों के घर कभी आओ माँ”, “एक बार माँ आ जाओ”, “चुनड़ी को रंग सुरंग माँ” सहित अनेक लोकप्रिय भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
संजीव शर्मा की भजन प्रस्तुतियों के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर झूमते नजर आए। भजनों के बीच दादी जी के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठता रहा। महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ जागरण में भाग लिया। कई श्रद्धालु भजनों पर तालियां बजाते और दादी जी के जयकारे लगाते हुए नजर आए।

भादो की चौदस और भादी अमावस्या का श्री राणी सती दादी जी के भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व है। श्रद्धालुओं के अनुसार श्री राणी सती दादी जी की 13 सातियां हैं, जिनमें श्री राणी सती दादी जी का प्रमुख स्थान माना जाता है। इसी पावन अवसर पर राजस्थान के झुंझुनूं में भी श्री राणी सती दादी जी के प्रसिद्ध मंदिर में भव्य जागरण एवं धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। सोनभद्र में भी दादी जी के भक्तों द्वारा इसी श्रद्धा और परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रतिवर्ष इस अवसर पर विशेष आयोजन किया जाता है।
जागरण में शामिल होने पहुंचे करीब हजारों श्रद्धालुओं ने दादी जी की ज्योत के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने परिवार के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सपरिवार मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं का कहना था कि दादी जी के दरबार में आकर मन को शांति मिलती है और परिवार के साथ सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना करने से धार्मिक एवं सामाजिक जुड़ाव भी मजबूत होता है।

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था भी की गई। पूजा-अर्चना एवं जागरण में शामिल होने के बाद भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान कमेटी सदस्यों एवं दादी जी मंडल के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था में सहयोग किया, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
इस भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में रवि जालान, विनोद जालान, अशोक जालान, एडवोकेट अनिता थरड, श्रीमती मीरा जालान, श्रीमती पूनम खेतान, डॉ संतोष झुनझुनावाला, विप्लव जालान, पुरुषोत्तम जालान, विमल जालान, रमेश गोयल, राकेश जालान, दिनेश जालान सहित दादी जी के अनेक भक्तों एवं श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

कमेटी सदस्यों और दादी जी मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन केवल आस्था और भक्ति का माध्यम ही नहीं, बल्कि समाज को आपसी प्रेम, सहयोग और एकजुटता के सूत्र में बांधने का भी कार्य करते हैं। दादी जी के दरबार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का एक साथ एकत्र होना इसी सामाजिक एवं धार्मिक एकता का प्रतीक रहा।
जागरण के समापन तक मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। दादी जी के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने दादी जी के चरणों में शीश नवाकर अपने परिवार और समाज के सभी लोगों के सुखी एवं मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। भादी अमावस्या की पूर्व संध्या पर आयोजित इस भव्य ज्योत एवं जागरण ने सोनभद्र में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकजुटता की सुंदर मिसाल पेश की।



