सोनभद्र। जिले के गांवों में चल रहे विकास कार्यों को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इन्हीं सवालों को लेकर भाजपा नगर अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव ने लखनऊ में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर ग्राम विकास और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में चल रही अनियमितताओं पर विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा।
जानकारी के अनुसार बैठक के दौरान श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा कि कई ग्राम पंचायतों में सड़कों, नालियों, पटरी मार्गों और छोटे-छोटे पुलिया निर्माण में खुलेआम लापरवाही देखी जा रही है। सीधे शब्दों में उन्होंने कहा—“अधिकारियों एवं और कुछ कर्मचारियों की लोकल तत्वों से मिलीभगत ने ग्रामीण विकास की रफ्तार रोक दी है।”

उन्होंने बताया कि कई गांव ऐसे हैं जहाँ बजट स्वीकृत होने के बाद भी कार्य महीनों तक शुरू नहीं हुए। कुछ स्थानों पर निर्माण सामग्री निम्न स्तर की उपयोग हो रही है और अभियंताओं द्वारा नियमित निरीक्षण के अभाव में काम मनमर्जी से चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई ग्राम पंचायतों में कागजों पर पूरी हुई परियोजनाएँ जमीन पर अधूरी पड़ी हैं, यहां तक कि ग्राम पंचायत में विकास के लिये आयी धनराशि का अधिकांश हिस्सा केवल हैंड पम्प मरम्मत के नाम पर खर्च दिखा कर धनराशि का बंदरबांट किए जाने की शिकायत आम हो चली है और जिनके कंधों पर इसके जांच की जिम्मेदारी है उन्होंने अपनी आंखों पर मोटी पट्टी बाँध ली है जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष है।

उपमुख्यमंत्री ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लिया और कहा कि “ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जो भी अनियमितता पाई जाएगी, उसकी जांच होगी और दोषी कर्मचारी कार्रवाई से नहीं बच पाएंगे।”

बैठक के बाद श्रीवास्तव ने कहा कि “डबल इंजन सरकार में कोई भी कमीशनखोरी या देरी से विकास कार्य नहीं चलेगा। ग्राम स्तर तक पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।”
इस मुलाकात के बाद जिले भर में चर्चा है कि अब गांवों में विकास कार्यों की समीक्षा तेज होगी और कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।



