सोनभद्र जिले में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। यहां 13 साल से लापता बेटे के मिलने की आस में साधु के वेश में आए ठगों जाल में फंसा एक परिवार , आरोपियों ने शरीर के निशान दिखाकर भरोसे में लिया फिर परिवार वालों से छह लाख रुपये की मांग ।
अजय भाटिया
चोपन । सोनभद्र । विंध्यलीडर संवाददाता । 13 साल से लापता युवक बनकर फिल्मी अंदाज में एक परिवार को भावनात्मक जाल में फंसाकर लाखों रुपये ठगने की कोशिश करने वाले गिरोह का चोपन पुलिस ने किया पर्दाफाश । पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को किया गिरफ्तार ।
पुलिस ने बताया कि परिवार को विश्वास दिलाने के लिए लापता युवक के शरीर पर मौजूद बताए जा रहे निशान तक दिखाए। बाद में गुरु की दक्षिणा और भंडारे के नाम पर छह लाख रुपये मांगे। रुपये नहीं देने पर परिवार में बीमारी और बर्बादी का डर दिखाया। मांग घटाकर पांच लाख रुपये कर दी। परिवार ने एक लाख रुपये आरोपियों के बताए खाते में भेज भी दिए थे।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
पुलिस लाइन सभागार में आज हुई पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि रामसूरत साहनी के साले का पुत्र करीब 13 साल पहले लापता हो गया था। इसी का फायदा उठाते हुए नाग पंचमी के दौरान दो आरोपी साधु के वेश में मध्य प्रदेश के गढ़वा थाना क्षेत्र के पिपरझर पहुंचे। उन्होंने परिवार से संपर्क कर खुद को लापता युवक बताया और रिश्तेदारों के बारे में जानकारी जुटाई
परिवार वालों को ऐसे किया गुमराह
आरोपियों ने परिवार के सामने भावुक होने का नाटक किया और उन्हें विश्वास दिलाने का प्रयास किया कि वही उनका लापता बेटा है। इसके बाद परिवार को विंध्याचल बुलाया गया। वहां कथित युवक ने शरीर पर मौजूद निशान दिखाकर पहचान पुख्ता करने की कोशिश की। इसके बाद उसने गुरु की आज्ञा का हवाला देते हुए घर जाने से इनकार कर दिया।
बेटे के मिलने की उम्मीद में रकम जोड़ने लगा परिवार
कथित युवक ने गुरु को दक्षिणा और भंडारे के नाम पर चार हजार लोगों को चार बार भोजन कराने की बात कहते हुए छह लाख रुपये मांगे। रकम नहीं देने पर परिवार में गंभीर बीमारी और बर्बादी का डर दिखाया। परिवार द्वारा आर्थिक स्थिति खराब होने की बात कहने पर मांग पांच लाख रुपये कर दी गई। परिवार लापता बेटे के मिलने की उम्मीद में रकम जुटाने में लग गया।
आरोपियों के खाते में भेजी रकम
आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर लगातार रुपये मांगना जारी रखा। परिवार के एक सदस्य ने आरोपियों के बताए खाते में एक लाख रुपये भेज दिए। इसके बाद भी आरोपियों ने और रकम की मांग की। उनकी लगातार बदलती बातों और संदिग्ध गतिविधियों पर परिवार को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचा
प्रभारी निरीक्षक चोपन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरा गोसाई (46), सिंटू (29), सेहालू उर्फ सेलू (66) और मंगल प्रसाद (29) के रूप में हुई है। सभी बलरामपुर जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
लापता लोगों के परिवारों को बनाते थे निशाना
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह के सदस्य पहले ऐसे परिवारों की जानकारी जुटाते थे, जिनका कोई परिजन लंबे समय से लापता हो। इसके बाद योजना बनाकर साधु या अन्य वेश धारण कर परिवार से संपर्क किया जाता था। लापता सदस्य बनकर भावनात्मक दबाव बनाया जाता और डर-अंधविश्वास का सहारा लेकर रुपये ऐंठने की कोशिश की जाती थी। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूर्व में की गई ऐसी घटनाओं की जानकारी जुटा रही है।



