—जिला प्रशासन और जिला पंचायत की निष्क्रियता पर उठ रहा सवाल
सोनभद्र : पूर्वांचल नव निर्माण मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरीश पाण्डेय ने जिलाधिकारी सोनभद्र से और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए पत्र लिखा है कि मीरजापुर मंडल के अधीक्षक डाकघर, मीरजापुर ने (दिनांक 24 फरवरी 2026) को सोनभद्र के जिलाअधिकारी को एक गंभीर पत्र लिखकर रावर्ट्सगंज (Robertsganj) में स्थित प्रधान डाकघर की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की है।

पत्र में बताया गया है कि वर्ष 1956 की खतौनी के अनुसार खाता संख्या 392 में रावर्ट्सगंज प्रधान डाकघर को 11 विश्वा जमीन आवंटित की गई थी। इसके बावजूद खाता संख्या 405, 406 जिसका नया नंबर 392 है को अलग-अलग दिखाया जा रहा है।पत्र में कहा गया है कि डाक विभाग ने कई बार शिकायत की, लेकिन जिला अधिकारी (भू-राजस्व) की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट आदेश या कार्रवाई नहीं हुई है।
नगरपालिका क्षेत्र में भी भू-माफियाओं का मनमाना खेल
इसी मामले में शिकायतकर्ता गिरीश पाण्डेय ने आरोप लगाया गया है कि नगरपालिका परिषद रावर्ट्सगंज में भू-माफिया इतने बेलगाम हो गए हैं कि जिला पंचायत सोनभद्र और डाक विभाग की बार-बार चेतावनी के बावजूद नजूल भूमि पर अवैध अतिक्रमण जारी है।

शिकायत में विशेष रूप से नजूल भूमि संख्या 405 एवं 406 (नया नंबर 392) का जिक्र किया गया है, जो पूर्व में डाकघर के नाम दर्ज थी। आरोप है कि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के इस सरकारी जमीन के एक हिस्से को खरीद-बिक्री कर अवैध कब्जा कर लिया और निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
जिला पंचायत का 2022 का नोटिस भी बेअसर
गिरीश पाण्डेय ने बताया कि अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत सोनभद्र ने 10 जनवरी 2022 को पत्रांक संख्या 1078/जिपंसो/2021-22 के माध्यम से विक्रेता और क्रेता को नोटिस जारी किया था। नोटिस में निर्माण कार्य तुरंत रोकने और न रोके जाने पर पीपी एक्ट (एंटी भू-माफिया एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी गई थी।

हालांकि, दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य भौतिक रूप से जारी है। गिरीश पाण्डेय ने जिला पंचायत विभाग पर मौन स्वीकृति देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस चुप्पी से विभाग की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्य मांगें:
- जिम्मेदार राजस्व कर्मचारियों की कमेटी बनाकर पोस्ट ऑफिस रावर्ट्सगंज के नाम दर्ज जमीन की कागजी जांच ईमानदारी से कराई जाए।
- हो रहे अवैध निर्माण को तुरंत रोका जाए।
- फर्जी दस्तावेज तैयार कर नजूल भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
- राजस्व भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
डाक विभाग के पत्र में भी स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उक्त सरकारी जमीन से संबंधित अवैध कब्जे के मामले का निस्तारण करने के लिए जिला अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है।

यह मामला सोनभद्र जिले में सरकारी संपत्तियों पर बढ़ते अतिक्रमण और भू-माफिया गतिविधियों की ओर इशारा करता है, जहां प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय की कमी और कार्रवाई में देरी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।
जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से अब इस मामले में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।



