सोनभद्र, 25 फरवरी 2026 (एएनआई): उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में आज तड़के सुबह आयकर विभाग की टीमों ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन गुप्त इनपुट के आधार पर चलाया गया, जिसमें करीब 25 वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे 100 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने जिले के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ सर्च अभियान चलाया।

छापेमारी का मुख्य फोकस ओबरा क्षेत्र के खनन से जुड़े कुछ बड़े खनन व्यावसायियों और खासकर एक विधायक से जुड़े खनन सिंडिकेट पर रहा। अधिकारियों ने लगभग आधा दर्जन बड़े कारोबारियों के घरों, प्रतिष्ठानों और दफ्तरों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई की गोपनीयता बनाए रखने के लिए टीमों ने वाहनों पर शादी समारोह के पंपलेट चिपकाए थे, ताकि किसी को इस छापेमारी की भनक न लगे। यह ट्रिक पिछले साल की कुछ छापेमारियों से प्रेरित लगती है, जहां लक्जरी गाड़ियों को इसी तरह छिपाया गया था।

सूत्रों ने बताया कि अलग-अलग दिशाओं से जिले में दाखिल हुई टीमें सीधे चिन्हित स्थानों पर पहुंचीं और दस्तावेजों, नकदी तथा अन्य सामग्रियों की जांच शुरू कर दी। ओबरा थाना क्षेत्र में तीन से अधिक स्थानों पर यह अभियान चल रहा है, जहां भारी पुलिस बल और सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए हैं। रेनुकूट से जुड़े व्यावसायियों के आवास और दफ्तरों से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं, जिनमें विंध्य क्षेत्र के लेनदेन और खनन कारोबार से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं।
कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस फोर्स भी आयकर अधिकारियों के साथ मौजूद रही, लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मीडिया के पहुंचने पर अधिकारियों ने किसी भी तरह की जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। पूरे शहर और व्यावसायिक समुदाय में इस अचानक छापेमारी से अफरा-तफरी का माहौल है, और कई लोग अपने मोबाइल पर अपडेट्स शेयर कर रहे हैं।

यह छापेमारी खनन क्षेत्र में कथित कर चोरी और अनियमितताओं की जांच से जुड़ी मानी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बड़े पैमाने पर राजस्व हानि का खुलासा हो सकता है। जांच पूरी होने के बाद और विवरण सामने आने की उम्मीद है। जिले के प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।



