सोनभद्र। डीआर ड्रीम्स लॉन में रविवार को आयोजित अपना दल (सोनेलाल) के कार्यकर्ता समागम में उमड़ी भारी भीड़ ने पार्टी की ताकत का बड़ा प्रदर्शन किया। विशाल संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं को देखकर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल गदगद नजर आईं। उन्होंने मंच से कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की राजनीतिक ताकत और प्रतिनिधित्व बढ़ाने का आह्वान किया।

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं को पूरी मजबूती के साथ जुटना होगा। विधानसभा में अपनी संख्या बढ़ानी होगी, तभी अपना दल (सोनेलाल) अपने समाज और वंचित वर्गों के हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा करने में सफल होगा। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और चुनाव की तैयारियों में जुट जाने का संदेश दिया।

दरअसल, सोनभद्र में आयोजित यह कार्यकर्ता सम्मेलन केवल संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन तक सीमित नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक जानकार इसे जिले में अपना दल (सोनेलाल) द्वारा अपनी मजबूत दावेदारी पेश करने के प्रयास के तौर पर देख रहे हैं। पार्टी का मुख्य सहयोगी भारतीय जनता पार्टी है और आगामी विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों के बीच मंथन होना है। ऐसे में सोनभद्र में उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ के जरिए अपना दल (सोनेलाल) ने अपनी जमीनी ताकत का संदेश देने की कोशिश की है।

सोनभद्र जिले में विधानसभा की चार सीटें हैं। पार्टी की ओर से इनमें से दो विधानसभा सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। रविवार के सम्मेलन में उमड़ी भीड़ ने निश्चित तौर पर पार्टी के इस दावे को राजनीतिक वजन दिया है। हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने भाजपा के सामने भी यह संदेश रखने का काम किया है कि सोनभद्र में अपना दल (सोनेलाल) का संगठन और जनाधार मजबूत है।

कार्यकर्ता समागम में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ महिलाओं की भी भागीदारी देखने को मिली। पार्टी के झंडे, पट्टिकाओं और नारों के बीच कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। सम्मेलन के जरिए अपना दल (सोनेलाल) ने जहां अपने संगठन की ताकत का प्रदर्शन किया, वहीं आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे में अधिक हिस्सेदारी की संभावित मांग का आधार भी तैयार किया।

राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो सोनभद्र में आयोजित यह शक्ति प्रदर्शन भाजपा पर सीधे दबाव की राजनीति से अधिक सहयोगी दल के रूप में अपनी उपयोगिता और जनाधार का प्रदर्शन है। अब देखना होगा कि चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे में अपना दल (सोनेलाल) की यह ताकत उसकी दावेदारी को कितनी मजबूती देती है।



