सोनभद्र । विंध्यलीडर संवाददाता । रॉबर्ट्सगंज (सदर) विधानसभा सीट से लगातार दो बार के भाजपा विधायक भूपेश चौबे का मछंदर नाथ में आयोजित जन चौपाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने के बाद से क्षेत्र में नया राजनीतिक और जन-संवाद का बवंडर खड़ा हो गया है।
विद्यार्थी परिषद से लेकर विधायक बनने तक का राजनीतिक सफर भूपेश चौबे भारतीय राजनीति में उन गिने-चुने चेहरों में गिने जाते हैं, जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि किसी राजघराने की नहीं, बल्कि जमीनी सांगठनिक संघर्ष की रही है।
छात्र राजनीति से शुरुआत : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले चौबे ने संगठन मंत्री और विभिन्न महत्वपूर्ण सांगठनिक पदों की जिम्मेदारियों को निभाया।

भाजपा जिलाध्यक्ष से विधानसभा तक : पार्टी के प्रति निष्ठा और कैडर में गहरी पकड़ के कारण उन्हें भाजपा सोनभद्र का जिलाध्यक्ष बनाया गया।
2017 में मिला टिकट: 2017 के विधानसभा चुनाव में जब भारतीय जनता पार्टी ने एक साधारण सांगठनिक कार्यकर्ता पर भरोसा जताते हुए उन्हें रॉबर्ट्सगंज सीट से चुनावी मैदान में उतारा, तो यह नाम पूरे प्रदेश और देश स्तर पर चर्चा का विषय बना। उन्होंने भारी मतों से जीत दर्ज की और 2022 में पुनः लगातार दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए।
मछंदर नाथ जन चौपाल में बिगड़े बोल: ‘मोदी-योगी’ टिप्पणी पर विवाद
मछंदर नाथ में आयोजित जन चौपाल में जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक भूपेश चौबे ने आक्रामक अंदाज में विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा :

“जो काम नरेंद्र मोदी नहीं कर सकते, योगी आदित्यनाथ नहीं कर सकते, वह काम राहुल और अखिलेश कतई नहीं कर सकते।”
जैसे ही यह वीडियो फेसबुक पर अपलोड हुआ, कमेंट सेक्शन सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। आम यूजर्स से लेकर विपक्षी समर्थकों ने विधायक के इस बयान को आड़े हाथों लिया। विपक्षी समर्थकों का तर्क है कि विधायक जी सार्वजनिक मंच से अनजाने में यह स्वीकार कर रहे हैं कि उनकी अपनी डबल-इंजन सरकार धरातल पर काम करने में विफल रही है।
आम जनता की तीखी प्रतिक्रियाएं और धरातल की हकीकत पर सवाल वीडियो वायरल होते ही नेटिजन्स की ओर से तीखे कमेंट्स की झड़ी लग गई :
तंज और चुटकी : कईयों ने विधायक के बयान देने के लहजे और हाव-भाव पर तंज कसते हुए टिप्पणी की कि “वनस्पति चढ़ गया है” और “चिलम ज्यादा हो गया है”।
विकास के दावों पर सवाल : स्थानीय निवासियों ने सोनभद्र जिला मुख्यालय और ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर सड़कों व जलभराव की फोटो कमेंट बॉक्स में पोस्ट कर सवाल उठाया कि खोखली बयानबाजी के बजाय धरातल पर रुके हुए विकास कार्यों को पूरा किया जाना चाहिए।
2022 का ‘उठक-बैठक’ वाकया फिर से हुआ ताजा
इस नए वीडियो के वायरल होते ही विधायक भूपेश चौबे का 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान का वह राष्ट्रीय स्तर पर बहुचर्चित वाकया फिर से ताजा हो गया है।
गौरतलब है कि 2022 चुनाव के दौरान 5 वर्षों के कार्यकाल में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार और कार्यकर्ताओं व जनता की नाराजगी दूर करने के लिए भूपेश चौबे ने भरे मंच पर कुर्सी पर चढ़कर दोनों हाथों से कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई थी और हाथ जोड़कर जनता से क्षमा मांगी थी। इसी घटना के बाद पूरे देश में वे ‘उठक-बैठक वाले विधायक’ के नाम से चर्चित हुए थे।
सोशल मीडिया पर यूज़र्स अब 2022 के उसी घटनाक्रम को मछंदर नाथ के वायरल वीडियो से जोड़कर कमेंट कर रहे हैं कि “भरे मंच पर कान पकड़कर उठक-बैठक लगाने का काम कोई दूसरा नेता नहीं कर सकता” और सलाह दे रहे हैं कि राजनीतिक बयानबाज़ियों से इतर 2027 के चुनाव से पहले क्षेत्र के विकास पर ध्यान दिया जाना चाहिए



