मेरठ । विंध्यलीडर संवाददाता । शादाब चौहान ने इकरा हसन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से राजनीति नहीं होती, बल्कि मुश्किल वक्त में जमीन पर उतरकर लोगों के साथ खड़ा होना पड़ता है। उन्होंने तंज कसते हुए इकरा हसन को ‘रील मास्टर’ बताया और कहा कि उन्हें ‘रियल नेता’ बनना चाहिए। सहारनपुर की एक मस्जिद के हिस्से के ध्वस्तीकरण को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत गरमाये हुए मुद्दे पर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान ने समाजवादी पार्टी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और शामली विधायक इकरा हसन पर आज यहां तीखा हमला बोला है।
इकरा हसन के हाउस अरेस्ट पर उठाया सवाल
शादाब चौहान ने कहा कि यदि इकरा हसन वास्तव में सहारनपुर जा रही थीं और प्रशासन ने उन्हें हाउस अरेस्ट किया है, तो समाजवादी पार्टी को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से सवाल किया कि पार्टी के 37 सांसद और करीब 100 विधायक हैं। ऐसे में क्या वह अपने जनप्रतिनिधियों के साथ सहारनपुर पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे या फिर पूरे घटनाक्रम को यूं ही देखते रहेंगे।
मस्जिद, मदरसे और मुस्लिम युवाओं के मुद्दे पर सपा को घेरा
AIMIM प्रवक्ता श्री हसन ने आरोप लगाया कि मस्जिदों पर कार्रवाई, मदरसों से जुड़े विवाद, मुस्लिम युवाओं पर कार्रवाई, बुलडोजर एक्शन और मॉब लिंचिंग जैसे मुद्दों पर सपा की भूमिका अपेक्षित रूप से मुखर नहीं रही है। प्रवक्ता ने कहा कि मुस्लिम समाज एक लंबे समय से समाजवादी पार्टी को समर्थन देता आया है, लेकिन अब सवाल पूछे जा रहे हैं कि जब समुदाय से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं तो पार्टी के सांसद और विधायक क्या उतनी मजबूती से अपनी आवाज उठाते हैं।
सपा पर ‘मैच फिक्सिंग’ जैसे लगाये आरोप
शादाब चौहान ने सपा पर भाजपा के साथ ‘मैच फिक्सिंग’ जैसे गंभीर राजनीतिक आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि जिस दल पर मुस्लिमों के वोट के सहारे 34 साल से राजनीति करने का आरोप लगाया जाता रहा है, वही दल अब मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों पर खामोश नजर आता है। उन्होंने सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खान और अन्य मुस्लिम नेताओं का भी जिक्र किया। शादाब ने कहा कि उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई हुई, लेकिन पार्टी ने उस स्तर पर आवाज नहीं उठाई, जिसकी उम्मीद मुस्लिम समाज करता है।
धार्मिक स्थलों की कार्रवाई पर सरकार से भी पूछा सवाल
AIMIM प्रवक्ता श्री शादाब ने कहा कि वे मुख्यमंत्री खुद को धार्मिक व्यक्ति के रूप में देखते हैं, इसलिए धार्मिक स्थलों को लेकर संवेदनशीलता अपेक्षित है। उन्होंने मस्जिद के हिस्से को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई को अनुचित और अस्वीकार्य बताते हुए सरकार से सवाल किए।
‘गठबंधन हुआ तो मुद्दों और अधिकारों पर होगा’
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी शादाब चौहान ने AIMIM का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव में किसी दल के साथ गठबंधन की जरूरत पड़ी तो गठबंधन मुद्दों और अधिकारों के आधार पर होगा। उन्होंने कहा कि AIMIM को मंत्रालय या सत्ता में हिस्सेदारी की लालसा नहीं है। उनकी पार्टी की लड़ाई मुस्लिम समाज समेत वंचित वर्गों के अधिकारों और राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए है।
सपा के वोट बैंक पर भी निशाना
शादाब चौहान ने समाजवादी पार्टी के वोट बैंक पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी AIMIM के बढ़ते प्रभाव को नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने किठौर विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक शाहिद मंजूर के परिवार की महिलाओं के भी AIMIM को वोट देने का दावा किया।
केवल ‘भाषण और सोशल मीडिया पोस्टों से नहीं होगा संतुष्ट समाज’
शादाब चौहान ने कहा कि अब मुस्लिम समाज केवल भाषण, बयान और सोशल मीडिया पोस्ट से संतुष्ट नहीं होगा। समाज यह देखेगा कि संकट के समय कौन नेता उसके बीच पहुंचता है और कौन केवल राजनीतिक बयान जारी करता है। उन्होंने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव नेताओं के दावों और उनके काम का हिसाब लेने का जनता को मौका देगा।



