नई दिल्ली। संवाद सूत्र । भारतीय रेलवे ने अपने कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों को एक बड़ी सौगात दी है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रिविलेज पास (PP), पोस्ट रिटायरमेंट कॉम्प्लिमेंट्री पास (PRCP) और विडो पास (WP) धारक अब राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी अपनी निर्धारित पात्रता से ऊंची श्रेणी में यात्रा कर सकते हैं। इसके लिए यात्रियों को पूरा टिकट खरीदने के बजाय केवल दोनों श्रेणियों के किराए के बीच का अंतर चुकाना होगा।

लंबे समय से बनी थी असमंजस की स्थिति

रेलवे सर्वेंट्स (पास) रूल्स, 1996 के तहत पास धारकों को प्रीमियम ट्रेनों में अतिरिक्त भुगतान देकर उच्च श्रेणी में सफर करने की अनुमति को लेकर लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। रेलवे बोर्ड ने कमर्शियल डायरेक्टोरेट से विचार-विमर्श के बाद RSPR-1986 की अनुसूची-II के नियम 3(X) के तहत इस स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।

किन पास धारकों को मिलेगा लाभ?

रेलवे बोर्ड का यह फैसला मुख्य रूप से तीन श्रेणियों के पास धारकों पर लागू होगा।

विशेषाधिकार पास (PP): कार्यरत रेलवे कर्मचारियों और उनके आश्रितों को मिलने वाला पास।

सेवानिवृत्ति के बाद मानार्थ पास (PRCP): रेलवे से सेनानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दी जाने वाली सुविधा।

विधवा पास (WP): दिवंगत रेलवे कर्मचारियों के परिजनों/विधवाओं को जारी किए जाने वाले पास।

किराया कितना लगेगा

पास धारकों को कोई तयशुदा नया टिकट नहीं खरीदना है; उन्हें केवल अपनी मूल पात्रता और अपग्रेड की गई उच्च श्रेणी के बीच जो भी किराया अंतर होगा, उसका भुगतान करना होगा।

CRIS को सॉफ्टवेयर अपडेट करने के निर्देश

रेलवे बोर्ड ने यह साफ किया है कि यह नया निर्देश पास और प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (PTO) से जुड़े सभी पुराने आदेशों का स्थान लेगा। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए बोर्ड ने सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) को पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम के ई-पास मॉड्यूल में तत्काल प्रभाव से आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।