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Friday, September 11, 2026

सपनों को हकीकत में बदलकर इतिहास रचने की कोई उम्र नहीं होती है….

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ऊषा वैष्णवी

18 साल की उम्र में प्रोफेसर बनकर नाथन थॉमस ने साबित कर दिया कि प्रतिभा की कोई तय उम्र नहीं होती। कभी-कभी जिस उम्र में लोग सपने देखना शुरू करते हैं, उसी उम्र में कोई व्यक्ति अपने सपनों को हकीकत में बदलकर इतिहास रच देता है।

नई दिल्ली । विंध्यलीडर संवाददाता । जहां 18 वर्ष की उम्र में ज्यादातर युवा कॉलेज में अपनी पढ़ाई शुरू कर रहे होते हैं, वहीं महज 18 साल के नाथन थामस ने अमेरिका के फ्लोरिडा मियामी के इंजिनियरिंग कॉलेज के क्लासरूम में  इंजीनियरिंग से जुड़ा पाठ्यक्रम छात्रों को पढ़ा रहे थे।  नाथन ने 18 साल और 346 दिन की उम्र में फ्लोरिडा के मियामी में इंजिनियरिंग कॉलेज पढ़ाना शुरू कर दुनिया के सबसे युवा पुरुष प्रोफेसर का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

नाथन की यह उपलब्धि इसलिए और भी खास है क्योंकि उनकी शिक्षा यात्रा बेहद कम उम्र में शुरू हो गई थी। उन्होंने सिर्फ 10 साल की उम्र में मियामी इंजिनियरिंग  कॉलेज के जरिए कॉलेज की पढ़ाई शुरू कर दी थी। इसके बाद 14 साल की उम्र में उन्होंने फ्लोरिडा इंटरनेशनल विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया और कम उम्र में ही इलेक्ट्रिकल इंजिनियरिंग में अपनी पढ़ाई तेजी से आगे बढ़ाई।

Guinness World Records जीनियस विश्व रिकॉर्ड के अनुसार, नाथन ने 16 साल की उम्र में Electrical Engineering में Bachelor’s degree और 18 साल की उम्र तक Master’s degree भी हासिल कर ली थी। इसके बाद अगस्त 2023 में उन्होंने Miami Dade College में “C for Engineers” जैसे विषय को पढ़ाना शुरू किया। उस समय उनकी उम्र 18 साल और 346 दिन थी।

नाथन ने इस उपलब्धि के साथ एक बेहद पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। उनसे पहले सबसे युवा पुरुष प्रोफेसर का रिकॉर्ड स्कॉटिश गणितज्ञ Colin Maclaurin के नाम था, जो 19 साल की उम्र में प्रोफेसर बने थे। यह रिकॉर्ड लगभग 306 वर्षों तक कायम रहा था।

दिलचस्प बात यह है कि नाथन जब क्लास में पढ़ाने पहुंचे, तो उनके कई छात्र उम्र में उनसे बहुत ज्यादा अलग नहीं थे। यानी एक 18 वर्षीय युवा अपने ही उम्र के आसपास के छात्रों को इंजीनियरिंग और प्रोग्रामिंग पढ़ा रहा था। लेकिन नाथन का मानना है कि सीखने और सिखाने की दुनिया में उम्र से ज्यादा महत्वपूर्ण मेहनत और ज्ञान होता है।

हालांकि सोशल मीडिया पर उन्हें “दुनिया का सबसे युवा प्रोफेसर” कहा जा रहा है, लेकिन Guinness का आधिकारिक रिकॉर्ड विशेष रूप से “youngest professor (male)” के रूप में दर्ज है। नाथन, Alia Sabur से भी 16 दिन छोटे थे, जिन्होंने 2008 में 18 साल और 362 दिन की उम्र में सबसे युवा महिला प्रोफेसर का रिकॉर्ड बनाया था।

आज नाथन थॉमस की कहानी सिर्फ एक Guinness World Record की कहानी नहीं है। यह इस बात का उदाहरण है कि हर व्यक्ति की सीखने की गति और जीवन का रास्ता अलग हो सकता है। सही अवसर, लगातार मेहनत और ज्ञान के प्रति जिज्ञासा उम्र की पारंपरिक सीमाओं को चुनौती दे सकती है।

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