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Tuesday, February 10, 2026

लेखपाल पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप, पीड़ित ने उप जिलाधिकारी को पत्र लिख, की जांच की मांग

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लेखपाल पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप, किसानों ने उप जिलाधिकारी/ जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कहा कि लेखपाल ने एक ही जमीन पर दो तरह की दी रिपोर्ट

रॉबर्ट्सगंज, 10 फरवरी 2026: सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज तहसील अंतर्गत राजस्व ग्राम सहिजन में तैनात एक लेखपाल पर भ्रष्टाचार, अवैध धन उगाही और गलत रिपोर्टिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और लेखपाल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि लेखपाल की मनमानी से क्षेत्र के लोग परेशान हैं और शासन की जीरो टॉलरेंस नीति का मजाक उड़ाया जा रहा है।

शिकायत पत्र में विस्तार से बताया गया है कि लेखपाल विभिन्न राजस्व कार्यों के लिए किसानों को अनावश्यक रूप से तंग करता है और हर काम के बदले पैसे की मांग करता है। पैसे न देने पर गलत और भ्रामक रिपोर्ट लगाकर कार्यों में अड़चन डाली जाती है। एक प्रमुख उदाहरण के रूप में, ग्राम सहिजन खुर्द की आराजी संख्या 41 मी का जिक्र किया गया है। जुलाई-अगस्त 2023 में इस भूमि को श्वेता मौर्य (पुत्री हृदय नारायण) ने पुष्पा सिंह (पत्नी अजीत कुमार) से खरीदा था। उस समय लेखपाल ने नामांतरण रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा था कि भूमि में कोई समस्या नहीं है और यह सरकारी भूमि नहीं है।

हालांकि, मार्च-अप्रैल 2025 में जब श्वेता मौर्य ने उसी भूमि को हरीकेश यादव को बेचा और नामांतरण के लिए रिपोर्ट मांगी गई, तो लेखपाल ने रिपोर्ट में इसे जिल्द बंदोबस्त श्रेणी 6(2) रास्ते खाते की भूमि बता दिया। इससे नामांतरण प्रक्रिया रुक गई। क्रेता हरीकेश यादव ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने उनसे पैसे मांगे थे और इंकार करने पर जानबूझकर नकारात्मक रिपोर्ट दी गई। शिकायत में कहा गया है कि एक ही भूमि पर एक ही लेखपाल द्वारा दो अलग-अलग रिपोर्ट देना उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यदि भूमि वास्तव में सरकारी या रास्ते की है, तो पहले की रिपोर्ट में इस तथ्य को क्यों छिपाया गया, यह भी जांच का विषय है।

ग्रामीणों के अनुसार, लेखपाल खुलेआम धन उगाही करता है और दावा करता है कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी क्योंकि पैसे ‘ऊपर तक’ पहुंचते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम न उठाया जाना शासन की छवि को धूमिल कर रहा है और जनता में आक्रोश बढ़ा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की जांच कर लेखपाल को तुरंत निलंबित किया जाए और उसके खिलाफ विधिक तथा विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।

उप जिलाधिकारी कार्यालय से अभी तक इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रकरण की जांच शुरू की जा सकती है। सोनभद्र जिले की रॉबर्ट्सगंज तहसील में लेखपाल तथा कानूनगो द्वारा भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या से आम जनों का विश्वास प्रशासन पर कम होता जा रहा है। अभी कुछ दिनों पूर्व ही इसी तहसील के राजस्व गांव लसङा में पट्टा आवंटन में हुई गडबड़ी की जांच अभी चल ही रही जिसमें लेखपाल को निलंबित कर आगे की कार्रवाई चल रही है और अब उसी तहसील में दूसरे लेखपाल का य़ह कारनामा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो इससे सरकार की छवि को नुकसान हो सकता है।

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