विनोद सिंह
लखनऊ । विंध्यलीडर संवाददाता । उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक खंड विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए आज शाम प्रचार का शोर थम जाएगा। भाजपा और सपा दोनों के लिए बेहद अहम बन चुके चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी। चार दिन बाद 27 अक्टूबर को गिनती होगी और रिजल्ट आएगा। विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे इस इलेक्शन को सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है। कहने को चुनाव केवल 11 सीटों पर हो रहा है लेकिन कई कारणों से बेहद अहम हो गया हैं। यही कारण है कि योगी सरकार के एक दर्जन मंत्री और भाजपा-सपा के 100 से ज्यादा सांसदों-विधायकों ने अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए ताकत झोंक दी है। दोनों दलों के बीच कांटे की टक्कर भी दिखाई दे रही है।
पिछली बार सपा ने छह और भाजपा ने पांच सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार भाजपा को दो अंकों में पहुंचाने के लिए खुद मुख्यमंत्री योगी ने कमान संभाली हुई है। गोरखपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, आगरा, गाजियाबाद समेत तमाम जिलों में भाजपा एमएलसी प्रत्याशियों के लिए जनसभा की है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भले ही कोई जनसभा नहीं की लेकिन जिले-जिले सांसदों विधायकों को जिम्मेदारी सौंपी है। जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों और उनकी टीम को भी लगाया गया है।
क्यों बेहद अहम है एमएलसी चुनाव
दरअसल एमएलसी चुनाव को विधानसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट भी माना जा रहा है। इसकी तीन खास कारण हैं। यह चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से हो रहा है। ऐसे में भाजपा जीतती है तो सपा के ईवीएम वाले नैरेटिव को ध्वस्त करने में जुटेगी। अगर सपा जीती तो ईवीएम पर लगाए जा रहे आरोपों को बल देगी।
दूसरा कारण पढ़े-लिखे वोटर हैं। माना जाता है कि ऐसे लोग ही समाज को दिशा देने का भी काम करते हैं। इन लोगों का समर्थन किसी भी पार्टी के पक्ष में होना अपने आप में अहम हो जाता है। तीसरा कारण पश्चिम से पूरब तक इसके वोटरों का फैलाव है। इन 11 सीटों पर सभी 75 जिले कवर हो रहे हैं। ऐसे में इस चुनाव को विधानसभा चुनाव का मूड या सर्वेक्षण भी माना जाएगा।
इन सीटों के लिए हो रहा चुनाव
एमएलसी की 11 सीटों में 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन खंड की हैं। स्नातक में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक की सीटें हैं। इसी तरह शिक्षक के लिए लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन की सीटें हैं। लखनऊ खंड स्नातक सीट पर नौ जिले हैं। इसमें लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव, बाराबंकी, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर शामिल हैं। वाराणसी खंड स्नातक में 8 जिले आते हैं। यहां सोनभद्र वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर,, भदोही (संत रविदास नगर) और बलिया शामिल हैं।





