ओबरा I सोनभद्र I विंध्यलीडर संवाददाता I कॉर्पोरेट घरानों के हितों को साधने के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा लागू किया गया लेबर कोड आधुनिक गुलामी का दस्तावेज है। इसके जरिए काम के घंटे बढ़ा दिए गए, फिक्स टर्म इम्पलाइमेंट लाकर सामाजिक सुरक्षा को खत्म किया गया और न्यूनतम मजदूरी से भी कम फ्लोर लेवल वेज पर काम करने के लिए मजदूरों को मजबूर करने का कार्य किया गया है। इतना ही नहीं लेबर डिपार्टमेंट की जो शक्तियां थी उसे भी खत्म कर उसे फैसिलिटेटर बना दिया गया है। यह आने वाले समय में औद्योगिक अशांति को बढ़ाने का काम करेगा। इसलिए सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। यह बातें कार्यालय पर आयोजित ठेका मजदूर यूनियन की बैठक में उठी।

* लेबर कोड आधुनिक गुलामी के दस्तावेज

* ओबरा में ई एस आई अस्पताल के लिए चलेगा हस्ताक्षर अभियान

* ठेका मजदूर यूनियन की बैठक में हुआ फैसला

बैठक में मजदूरों ने बताया कि ओबरा सी में काम करने वाली तमाम कंपनियां मजदूरों से 12 घंटे काम करा रही है और न्यूनतम मजदूरी का भी भुगतान नहीं कर रही है। कुछ संविदाकारों द्वारा तीन-तीन महीने से मजदूरों की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।खतरनाक उद्योग होने के बावजूद मजदूरों को सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। मजदूरों ने इस बात पर भी चिंता जताई कि ईएसआई में कवर्ड होने के बावजूद उनको प्राथमिक स्वास्थ्य की सुविधा नहीं मिल रही है और इसलिए मजदूरों ने ओबरा में ईएसआई अस्पताल खोलने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाने का फैसला भी किया। उत्तर प्रदेश में पिछले 12 सालों से न्यूनतम मजदूरी का वेज रिवीजन ना होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए मजदूरों ने फैसला लिया कि इसके लिए हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया जायेगा।

बैठक की अध्यक्षता यूनियन के जिलाध्यक्ष तीरथ राज यादव और संचालन मोहन प्रसाद ने किया। बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के प्रदेश महासचिव व पूर्व श्रम बंधु दिनकर कपूर मौजूद थे। बैठक में रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान के संयोजक रामकृष्ण बैगा ने आदिवासी अधिकारों पर चर्चा भी की। इसके अलावा इंद्रदेव खरवार, राहुल, अशोक जैसल, राम पधारत मौर्य, भगवान दास मौर्य, रामनरेश गोड़, विनोद जायसवाल, जगन्नाथ मिश्रा, मधुकांत यादव, प्रबल, डीएन राय, रामचंद्र माली, सिकंदर चंद्रवंशी, जितेंद्र मिश्रा, अजय आदि लोगों ने संबोधित किया।