नई दिल्ली । संवाद सूत्र । भारतीय रिजर्व बैंक ने जब से मार्केट से 2000 का नोट वापस ले लिया है तब से नकली नोट के बारे में भी बातें तेज हो गई हैं। गुलाबी नोट बंद होने के बाद अब सबसे बड़ा नोट 500 रुपये का हो गया है।

लेकिन आप ये कैसे पहचानेंगे कि आपके हाथ में जो 500 का नोट है वह असली है या नकली। आरबीआई ने नकली और असली नोट को पहचानने के लिए उनके बीच का अंतर स्पष्ट कर दिया है।
नए 500 के नोटों पर लाल किले की आकृति है और नोट का रंग स्टोन ग्रे है। गुलाबी नोट बंद होने के बाद आरबीआई के सामने 500 रुपये के असली और नकली नोट की भी एक समस्या है।
जो पिछले कई दिनों से भारतीय रिजर्व बैंक के लिए सर दर्द बनी हुई है। 2022-23 में 500 रुपये के करीब 91 हजार 110 नकली नोट पकडाए थे। 500 रुपये के नकली नोट मार्केट में तेजी से बढ़ रहे हैं।

500 रुपये के नोट की विशेषता
नोट के बीच में महात्मा गाँधी का चित्र है।
देवनागरी लिपि का इस्तेमाल करके 500 लिखा है।
500 मूल्यवर्ग अंक के साथ ही पारदर्शी रजिस्टर और अव्यक्त छवि है।
छोटे अक्षरों में भारत को देवनागरी लिपि में लिखा है।
नोट में रंगीन सुरक्षा धागा भी लगा है।
नोटों को झुकाने पर धागे का रंग बदलता है। जो हरे से नीला हो जाता है।
नोट पर 500 काइलेक्ट्रो टाइप वॉटर मार्क लगा है। साथ ही महात्मा गाँधी का चित्र भी बना है।
दाई ओर नीचे स्याही का रंग बदलता हो। जो हरे से नीली हो जाती है।
दाई तरफ अशोक स्तम्भ का प्रतिक।
नोट में नेत्रहीन के लिए भी सुविधा दी गई है। इसमें महात्मा गांधी के चित्र और अशोक चिन्ह की उभरी हुई यानी इंटैग्लियो आकृति बनी है। साथ ही 500 को भी उभार कर






