नई दिल्ली । विंध्यलीडर संवाददाता । ऐसे दंपती जिनकी संतान नहीं है, या उनको संतान नहीं हो रहे है ऐसे में बच्चे की चाह में वो उत्तर प्रदेश से सटे नेपाल बॉर्डर से नेपाली लड़कियों को लाया जाता है। बिना शादी बच्चा करने के बदले दलाल को 1 करोड़ रुपए तक दिए जा रहे हैं।
देश में यह नया ट्रेंड देखने को मिला है। ऐसे दंपती IVF के बजाय नेपाली युवतियों से बच्चा पैदा कर रहे हैं। इनमें ज्यादातर मामले ऐसे दंपतियों के हैं, जहां महिला गर्भधारण करने में सक्षम नहीं है। IVF में केस बिगड़ने और बच्चे के कमजोर पैदा होने की आशंका के आशंका के चलते भी ऐसा कर रहे हैं।

नेपाल से दलालों के जरिए मोटी रकम देकर लड़कियों को भारत लाया जाता है। उन्हें एक से डेढ़ साल तक यहीं रखा जाता है। संबंध बनाकर गर्भधारण कराया जाता है। बच्चा होने के बाद वापस नेपाल भेज दिया जाता है।
एक समाचार एजेंसी के हवाले से सूत्रों ने बताया कि बच्चे की चाहत में नेपाली लड़कियों का सौदा हो रहा है। उत्तर प्रदेश से सटे नेपाल बॉर्डर से इन लड़कियों को लाया जाता है। बिना शादी बच्चा करने के बदले दलाल को 1 करोड़ रुपए तक दिए जा रहे हैं। जिसमें लड़की को मात्र 20 से 25 लाख रुपए मिलते हैं।
एजेंसी के अनुसार उसने उत्तर प्रदेश से लगी इंडो-नेपाल बॉर्डर के एक सूत्र के माध्यम से उसे नेपाल की एजेंट सुषमा थापा का पता चला। वह बॉर्डर से 35 किमी अंदर नेपाल के भुटवल में थी। सुषमा नेपाली लड़कियों की सप्लाई करने वाले गिरोह के लिए एजेंट की तरह काम करती है। हमने उसे कॉल करके बताया कि एक अमीर दंपती है। 8 साल पहले शादी हो चुकी है, लेकिन पत्नी को गर्भ नहीं ठहर पा रहा। वह चाहते हैं कि कोई लड़की उनसे संबंध बनाकर प्रेग्नेंट हो और उनके बच्चे को जन्म दे।
इस बारे में हमारी सुषमा से कई बार बात हुई। उसे जब भरोसा हो गया कि यह वास्तविक केस है और धोखे की संभावना नहीं है, तब जाकर वह मिलने को राजी हुई। हमने वहां जाकर सुषमा से बात की।






