वाराणसी । विंध्यलीडर संवाददाता । अखिलेश ने सवाल उठाया कि यदि काशी में मेट्रो का निर्माण हुआ होता तो दालमंडी के लोगों के साथ अन्याय करने की जरूरत नहीं पड़ती। आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार विकास परियोजनाओं के नाम पर प्रभावित लोगों के हितों का ध्यान नहीं रख रही है। अखिलेश बोले कि भाजपा जाएगी तभी बनारस मुस्कुराएगा। ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा।

बाहरी ठेकेदारों के हवाले बनारस
इस दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला किया। सर्किल रेट नहीं बढ़ाने पर सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा किया। कहा कि वे गरीबों की जमीन लेना चाहते हैं, लेकिन वाजिब मूल्य नहीं देना चाहते। सपा अध्यक्ष ने स्थानीय कारोबारियों और नाविकों का मुद्दा भी उठाया। कहा, सुना है कि बनारस को बाहर के ठेकेदारों के हवाले कर दिया गया है।

भाजपा जाएगी तभी मुस्कुराएगा बनारस
अखिलेश ने सवाल उठाया कि यदि काशी में मेट्रो का निर्माण हुआ होता तो दालमंडी के लोगों के साथ अन्याय करने की जरूरत नहीं पड़ती। आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार विकास परियोजनाओं के नाम पर प्रभावित लोगों के हितों का ध्यान नहीं रख रही है। बोले कि भाजपा जाएगी तभी बनारस मुस्कुराएगा।
वरुणा के भी सुंदरीकरण का किया वादा
अखिलेश ने काशी के विकास को लेकर कई वादे भी किए। उन्होंने वरुणा को पूजनीय बताया। कहा कि सपा सरकार में वरुणा के सुंदरीकरण की दिशा में काम शुरू हुआ था। सरकार बनने पर इसे विकसित किया जाएगा। वरुणा कॉरिडोर साबरमती रिवर फ्रंट से बेहतर बनाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि उक्त बातें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जो आज यहां सपा नेता को श्रद्धांजलि देने आये थे बाबतपुर एयरपोर्ट पर सपा के कार्यकर्ता अपने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के स्वागत और विदाई में उमड़े थे में से कई लोगों की जेबें खाली हो गईं। जहां किसी के जेब से पूरी नगदी गायब हो गई तो वहीं किसी का एटीएम और क्रेडिट कार्ड उड़ा दिया गया। एक साथ कई लोगों के साथ हुई घटना के बाद अफरातफरी की स्थिति देखी गई।
अखिलेश यादव के स्वागत और विदाई के लिए एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जुटे थे। इसी दौरान भीड़भाड़ के बीच कुछ कार्यकर्ताओं की जेब से रुपये, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और अन्य जरूरी कागजात गायब होने का पता चला। कार्यकर्ताओं का मानना कि भीड़ में जेब कतरों का पूरा गिरोह ही घुस गया था। एक के बाद एक कई नेताओं कार्यकर्ताओं की जेबें खाली कर दी जब अन्य कार्यकर्ताओं को जेबें खाली होने की सूचना हुई तो वह लोग संतुष्ट नजर आए जिनकी जेबें कटने से बच गईं।







