Wednesday, October 20, 2021
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उत्तर प्रदेश में 10 हजार से अधिक परियोजनाएं अधूरी , चुनाव में बीजेपी के लिए खड़ी कर सकती हैं मुसीबत

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विंध्यलीडर की खास रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है । राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी तैयारी में लगी हुई हैं । तरह-तरह के बयानों से राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ रही है । वहीं सत्तारूढ दल भारतीय जनता पार्टी को कई मोर्चे पर विपक्ष का सामना करना पड़ सकता है । प्रदेश में विकास कार्यों के लिए चल रही परियोजनाओं का पूरा न होना चुनावी लिहाज से बीजेपी के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं ।

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की दस्तक हो चुकी है. राजनीतिक पार्टियां चुनावी मुद्दे तय करने के लिए बयानबाजी भी तेज कर दी हैं । वहीं विकास के नाम पर चुनाव में जा रही बीजेपी और मुख्यमंत्री के लिए प्रदेश में 10,000 से अधिक अधूरी परियोजनाएं मुश्किल खड़ी कर सकती हैं ।

कई बड़ी योजनाओं को समय से पूरा नहीं किया जा सका है । अधूरी परियोजनाओं से लोगों की मुसीबत भी बढ़ी है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी कई अधूरी योजनाओं से लोगों के दिक्कतों का सामना करना पड़ा है ।

बात शुरू करते हैं स्वास्थ्य विभाग से, राजधानी लखनऊ में पिछले कई वर्षों से डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का नया परिसर शहीद पथ पर बन रहा है । अभी तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है ।

जिसके चलते लोगों की स्वास्थ्य संबंधी मुसीबत बढ़ी है । अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय का परिसर चक गजरिया में बनाया जाना है । अभी तक इस पर औपचारिक कार्य भी प्रारंभ नहीं हो सका है । ऐसी ही स्थिति प्रदेश में निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्रों की है ।

यूपी में अधूरी विकास परियोजनाएं

यूपी में अधूरी विकास परियोजनाएं

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निर्माण जरूर पूरा होने की ओर अग्रसर है, लेकिन गंगा एक्सप्रेस वे पर कार्य भी प्रारंभ नहीं हो सका है । चुनाव से पहले रक्षा कॉरिडोर में यह भी उद्योग शुरू होने की आशा नहीं है । बिजली विभाग की बात करें तो हरदुआगंज विस्तार में 2020 में ही उत्पादन शुरू हो जाना था ।

अभी तक यह उत्पादन प्रारंभ नहीं हो सका है । पनकी विस्तार टीवीएस पर कार्य अब 2022 में पूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसके आसार कम ही है । प्रदेश में बन रहे नए बिजली सब स्टेशन के भी चुनाव से पहले पूरा होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

यूपी में अधूरी विकास परियोजनाएं

यूपी में अधूरी विकास परियोजनाएं लोक निर्माण विभाग की बात करें तो सबसे ज्यादा काम यही अटका पड़ा है । उत्तर प्रदेश में 10,000 से अधिक सड़कों भवनों के निर्माण का कार्य चल रहा है । राजधानी लखनऊ में पिछले 4 वर्षों से बन रहा रिंग रोड अभी अधूरा पड़ा है ।

ग्रीन कॉरिडोर पर काम भी प्रारंभ नहीं हो सका है । लखनऊ नगर निगम की बात करें तो स्मार्ट सिटी के तहत खुदवाई गई सड़कें आम जनता के लिए मुसीबत बने हुई हैं । शहरी क्षेत्र विस्तार के तहत जिन गांव को नगर निगम में शामिल किया गया था वहां विकास कार्य प्रारंभ नहीं हो सके हैं ।

ऐसी स्थिति आधे नगर निगम और निकायों की है । अयोध्या की हालत ऐसी है कि शहर में जमथरा घाट पर बने श्मशान घाट तक बाइक से जाना भी मुश्किल है । आवासीय योजनाओं की हालत भी इससे अलग नहीं है । रेरा खुद इस पर चिंता जता चुका है ।

यूपी में अधूरी विकास परियोजनाएं

यूपी में अधूरी विकास परियोजना को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोपाल स्वरूप पाठक कहते हैं कि विकास कार्य कभी सरकार की प्राथमिकता में नहीं रही है । वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य अशोक मिश्रा का कहना है कि मुख्यमंत्री खुद विकास कार्यों को समय से पूरा कराने के लिए स्थिति पर नजर रख रहे हैं । लगातार विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण हो रहे हैं।

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