सोनभद्र । विंध्यलीडर संवाददाता । भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने मांग की कि बिना रेडियोलॉजिस्ट के डायग्नोस्टिक सेंटर तत्काल बंद किए जाएं तथा एनेस्थेटिस्ट की उपलब्धता और निर्धारित मानकों के बिना किसी अस्पताल को सर्जरी की अनुमति न दी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनभद्र में अवैध अस्पतालों को लाइसेंस जारी करने और कथित अवैध वसूली के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित नोडल अधिकारी सहित दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। वर्तमान नए जिलाधिकारी के आने के बाद पांच मौत हो चुकी लेकिन कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई।

अस्पतालों में बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर बंद किया जाए

आखिर अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई केवल जांच तक सीमित क्यों है? एक ही नाम से अस्पताल बंद होने के बाद दूसरी जगह दोबारा कैसे संचालित होने लगते हैं? सीएमओ और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही क्यों तय नहीं की जाती?

डॉ. तिवारी ने जिलाधिकारी से मांग की कि सोनभद्र में अवैध अस्पतालों के संचालन और उनसे जुड़ी मौतों के मामलों की विशेष मजिस्ट्रेट से निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और अस्पताल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

गरीबों की जिंदगी से खिलवाड़ बंद हो, स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही तय हो और किसी भी दोषी को संरक्षण न मिले।