अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीकरण के लिए आवेदन आये नौ ,पर बैठक में पहुँचे सिर्फ चार चिकित्सक
बोले सीएमओ- अगली बैठक में भी रहे गैरहाजिरी तो आवेदन होगा निरस्त
सोनभद्र । जिले में मानकों की अनदेखी कर बिना विशेषज्ञ डाक्टर के अधिकांश केवल टेक्निशियन के सहारे अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालन की मिल रही शिकायतों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया में सेंटर से संबद्ध संबंधित चिकित्सकों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। इसके बावजूद सीएमओ कार्यालय में पंजीयन /नवीनकरण के लिए आयोजित आज कि बैठक में नौ आवेदनों के सापेक्ष महज चार केंद्रों के चिकित्सक ही उपस्थित हुए, अल्ट्रासाउंड सेंटरो की इस गैरजिम्मेदाराना रुख पर सीएमओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि आगामी बैठक में सेंटर पर दर्शाये गए चिकित्सक के अनुपस्थित रहने पर संबंधित सेंटर का आवेदन नियमानुसार निरस्त कर दिया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत पोर्टल पर प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों के निस्तारण के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आज एक बैठक बुलाई थी। इसमें संबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के प्रबंधकों, स्वामियों और चिकित्सकों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। पोर्टल पर कुल नौ आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें आठ नए पंजीकरण और एक आवेदन नवीनीकरण से संबंधित था। हालांकि आज कि इस बैठक में केवल चार केंद्रों के ही चिकित्सक उपस्थित हुए। ऐसे में शेष आवेदनों से संबंधित चिकित्सकों की गैरमौजूदगी ने विभागीय प्रक्रिया में उनकी गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने संबंधित सेंटर के मालिकों को निर्देशित किया है कि वे आगामी बैठक में अपने-अपने केंद्रों के चिकित्सकों की उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करें। आगे उन्होंने कहा कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने सेंटर के मालिकों को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगली बैठक में संबंधित चिकित्सक के उपस्थित नहीं होने पर अल्ट्रासाउंड के लिए किये गये आवेदन को नियमानुसार निरस्त कर दिया जाएगा।
शिकायतों के बीच निगरानी पर जोर –
गौरतलब है कि जिले में कुछ अल्ट्रासाउंड केंद्रों के मानकों के विपरीत संचालन और चिकित्सकों की अनुपस्थित को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं। ऐसे में पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया के दौरान संबंधित चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण कदम है, पर यहाँ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि केवल पंजीकरण या नवीनकरण के लिए विभाग में आयोजित एक दिन की बैठक में सेंटर की तरफ से विशेषज्ञ डॉक्टर के उपस्थित रहने भर की केवल कोरम पूर्ति भर की यह करवाई भर न रह जाये बल्कि विभाग की तरफ से यह सुनिश्चित किया जाय की उक्त विशेषज्ञ डॉक्टर नियमित रूप से उक्त सेंटर पर मिले जिससे की जाँच सही हो और उक्त जाँच के आधार पर सही उपचार भी हो सकें । मुख्य सिकित्सा अधिकारी का कहना है कि विभागीय स्तर पर अपनाई जा रही सख्ती का उद्देश्य निर्धारित नियमों के अनुरूप केंद्रों का संचालन सुनिश्चित करना और पंजीकरण प्रक्रिया में जवाबदेही तय करना है और आगे भी जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी का मायकेनिज्म विभाग विकसित करने का प्रयास करेगा जिससे कि जिले में संचालित तमाम केंद्रों कि नियमित निगरानी करते हुए उनपर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकें जिससे कि मरीजों की सही जाँच हो और उन्हें सस्ता व गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकें।






