महिलाओं के सशक्तिकरण से ही देश समृद्ध होगा - प्रधानमंत्री

नशा मुक्ति युवा विकसित भारत
त्योहारों पर लोकल फार ओकल का संदेश
सोनभद्र । विंध्यलीडर संवाददाता । देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी के मन की बातों को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ धर्मवीर तिवारी जी ने अपने बूथ संख्या 17 पर बूथ के निवासियों के साथ सुना । जिसमें प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं देश के सभी लोगों का स्वागत करता हूं | ‘मन की बात’ में हम देशवासियों के सकारात्मक प्रयासों को मंच देते हैं | देश की उपलब्धियों की बात करते हैं |
उन्होंने कहा कि भारत की ऐसी ही एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि को एक दिन बाद 10 साल होने जा रहे हैं | ये उपलब्धि है ‘Surgical Strike’ की | दस वर्ष पहले 28-29 सितंबर, 2016 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर Surgical Strike की थी | LOC के उस पार जाकर हमारे वीर जवानों ने जिस तरह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की थी, वो देख दुनिया हैरान थी | Surgical Strike ने डंके की चोट पर पूरी दुनिया के सामने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया था | आतंकवादी हमलों के कारण भारत ने लंबे समय तक, जो दर्द झेला था, ‘Surgical Strike’ उस कष्ट के खिलाफ हमारी निर्णायक प्रतिक्रिया थी |
बीते एक दशक में, बालाकोट की Air Strike से लेकर ‘Operation सिंदूर’ तक भारत ने बार-बार ये स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर आतंकवादी भारत पर आंख उठायेंगे, तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा |आतंकवादी हमलों ने भारत को लंबे समय तक चोट पहुंचाई है | एक समय था जब भारत में Serial Blast होना बहुत सामान्य बात हो गई थी | सितंबर के इस महीने में यानि 13 सितंबर, 2008 को दिल्ली में हुए Serial Blast में अनेक निर्दोष लोग मारे गए थे | इसके कुछ सप्ताह बाद ही मुंबई में 26/11 का इतना बड़ा हमला हुआ था | साथियो, पहले भी हर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर कार्रवाई की मांग होती थी, लेकिन, उस पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता था | समय बीतने का इंतजार किया जाता था | अब आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ Zero-tolerance Policy लेकर चल रहा है, और हम, इसके नतीजे भी देख रहे हैं |
आज 27 सितंबर की ये तारीख एक विशेष कारण से और भी विशेष हो गयी है | आज एक ऐसे महानुभाव की 100वीं जन्मजयंती है जिन्होंने संस्कृति, समाज और राष्ट्र के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था | मैं बात कर रहा हूँ, 'विश्व हिन्दू परिषद' के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्रद्धेय स्वर्गीय अशोक सिंहल जी की | 27 सितंबर 1926 को आज के ही दिन आगरा में उनका जन्म हुआ था | उन्होंने समाज में रहकर तपस्वियों जैसा जीवन जिया | उन्होंने रामजन्मभूमि आंदोलन को जो दिशा दी, जो ऊर्जा दी, आज उसी का परिणाम है कि हम अयोध्या में भव्य मंदिर को साक्षात देख रहे हैं | मेरा तो बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है | मैंने, न केवल उनके उस जीवन को करीब से देखा, बल्कि, मुझे उनके साथ इस मिशन से जुड़ने का भी अवसर मिला | जब मैं राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में शामिल हो रहा था तब भी मुझे बार-बार अशोक जी की याद आना बहुत स्वाभाविक था | साथियो, अशोक जी के बारे में ऐसी कितनी ही बातें हैं, जिनकी उतनी चर्चा नहीं होती | राम मंदिर आंदोलन के साथ ही उन्होंने सामाजिक भेदभाव और विषमता के खिलाफ भी एक बड़ी लड़ाई लड़ी थी | उनका जन्म एक बेहद समृद्ध परिवार में हुआ था | उनके पिता एक सिविल सेवा अधिकारी थे | उनके भाई-बहनों में भी अधिकांश लोग बड़े बड़े पदों पर रहे | वे खुद भी IIT BHU से ग्रेजुएट थे | लेकिन, इस सबके बावजूद उन्होंने समाज और संस्कृति के लिए अपना जीवन समर्पित किया यही महान लोगों की पहचान होती है | आज मैं उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर उनके करोड़ों प्रशंसकों की ओर से उन्हें नमन करता हूँ | मेरी तरफ से भावपूर्ण श्रद्धांजलि देता हूँ |
प्रधानमंत्री ने कहा कि जल्द ही, हमारे अनेक पर्व और त्योहार भी आने वाले हैं | इस बार त्योहारों की खुशियों के बीच हम अपने आसपास भी नजर डालें | अगर कोई युवा किसी गलत आदत की ओर बढ़ रहा है, तो उससे बात करें | अगर कोई नशे से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है, तो उसका साथ दें | नशा मुक्त युवा विकसित भारत के इस संकल्प को हम सब मिलकर आगे बढ़ाएं |
सितंबर का महीना कुपोषण से लड़ाई को समर्पित है | पोषण माह में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोग और संस्थाएं इस नेक कार्य के लिए एक साथ आती हैं | कुपोषण से मुकाबला करने के लिए इस साल कई सराहनीय पहल की गई हैं |
छतीसगढ़ ने ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ यह अभियान शुरू किया है | इसमें लोगों को पौष्टिक मुनगा यानि मोरिंगा को अपने खान-पान में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है | गुजरात ने भी वांगी स्पर्धा यानि millets से बने व्यंजनों का competition शुरू किया है | इस पहल के जरिए सस्ते और पौष्टिक स्थानीय खान-पान को बढ़ावा दिया जा रहा है | अब तक दो लाख से ज्यादा लोग इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके हैं | महाराष्ट्र भी इस दिशा में सराहनीय प्रयास कर रहा है | वहाँ के अध्यापक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और बच्चों के माता-पिता जागरूकता अभियान से जुड़ रहे हैं | मिजोरम में भी, इस साल लोगों ने साथ मिलकर पोषण वाटिकाओं की देखभाल के लिए एक अभियान शुरू किया है | यह मिजो समाज के ‘तलो–मड़–यना’ की परंपरा के अनुरूप है | इसका अर्थ है ‘निस्वार्थ सेवा और दूसरों की मदद में हमेशा आगे रहना’ | ऐसे प्रयास बेहद सराहनीय हैं |
मन की बात में मोदी जी ने कहा कि उन्हें आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े उन सभी लोगों पर भी गर्व है जो इस तरह की पहल का हिस्सा रहे हैं | ये आंगनवाड़ी केंद्र अब ‘पोषण tracker’ से digitally जुड़ गए हैं | करीब 9 करोड़ लाभार्थी इसमें पंजीकृत हो चुके हैं | इससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं की बेहतर देखभाल संभव हुई है | हमें कुपोषण के खिलाफ इस लड़ाई को इसी तरह आगे लेकर जाना है | हमें हमारे समाज को कुपोषण से पूरी तरफ मुक्त करना है |
डॉ धर्मवीर तिवारी के साथ मिठाई लाल सोनी सभासद विनोद सोनी, कृपाशंकर, विकास सिंह चन्देल, अजीत पटेल संदेश पटेल ,अश्वनी, अनूप पांडेय , राहुल,गुनगुन, संतोष, बबलू, श्यामलाल, रिशु, पुरुषोत्तम सेठ, राजन सोनी, सुरेश यादव, संजू पाण्डेय, विष्णु चौबे छोटू सोनी,सभी कार्यकर्ताओं ने साथ मिलकर मोदी जी के मन की बातों को सुना।

