Saturday, October 16, 2021
Homeराजनीतिइंटर कॉलेज के संचालन हेतु मुख्यमंत्री को लिखा पत्र।

इंटर कॉलेज के संचालन हेतु मुख्यमंत्री को लिखा पत्र।

407 लाख की लागत से निर्मित चोपन ब्लॉक के अन्तर्गत कोटा ग्राम पंचायत में स्थित राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज गुरमुरा कोटा का, लोकार्पण के 38 माह बाद भी संचालन शुरू नहीं हो पाया है

डाला(सोनभद्र)। सोमवार सुबह पूर्वांचल छात्र संघ परिवार के तत्वावधान में पूर्व छात्र संघ महामंत्री अनिकेत श्रीवास्तव ने राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज गुरमुरा का संचालन शुरू कराने हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा। पत्र में पूर्वांचल छात्र संघ परिवार के संरक्षक/अध्यक्ष व पूर्व छात्र संघ महामंत्री अनिकेत श्रीवास्तव ने मांग किया की कई वर्षों से लोकार्पण के बाद भी बंद पड़े राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज गुरमुरा जिसका लोकार्पण स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था।

परन्तु अब भी उसका संचालन शुरू नहीं हो पाया है,उसे जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। बता दें कि जनपद सोनभद्र के चोपन ब्लॉक के अन्तर्गत कोटा ग्राम पंचायत में स्थित राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज गुरमुरा,कोटा का लोकार्पण के 38 माह बाद भी संचालन शुरू नहीं हो पाया है। कुल 407.70 लाख रुपए की लागत से वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के समीप बने इस राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज का शिलान्यास पूर्ववर्ती सरकार में 26 दिसंबर, 2015 को किया गया था। कॉलेज पूर्ण रूप से तैयार करके कार्यदाई संस्था द्वारा शिक्षा विभाग को सुपुर्द कर दिया गया था। विद्यालय शिक्षा विभाग को सुपुर्द होने के बाद 7 जुलाई, 2018 को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा कॉलेज का लोकार्पण किया गया था।

लोकार्पण के बाद आगामी शैक्षिक सत्र में कॉलेज के संचालित होने की उम्मीद जग गई थी। लोकार्पण के तुरंत बाद ही कॉलेज की साफ़-सफाई होने लगी थी,जिससे आसपास के हाईस्कूल व इंटर की शिक्षा से वंचित छात्र-छात्राओं व अभिभावकों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई थी लेकिन 38 माह पूरे होने के बाद भी कॉलेज का संचालन अब तक शुरू नहीं होने से बच्चों व अभिभावकों की ख़ुशी मायूसी में तब्दील हो गई है। कॉलेेज का संचालन शुरू नहीं होने से आदिवासी बच्चों को शिक्षा के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

इस क्षेत्र के कोटा,डाला,पनारी,हथवानी,बेलहत्थी,हाथिनला मिलाकर कुल तीन दर्जन आंठवी तक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मौजूद हैं, जहां लगभग कुल तीन हज़ार आदिवासी बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। आठवीं पास होने के बाद आर्थिक तंगी के कारण हाईस्कूल व इंटर की शिक्षा से हज़ारों बच्चे वंचित रह जाते हैं। इलाके की अधिकांश ग्राम पंचायतें आदिवासी बाहुल्य हैं। जहां अधिकतर अभिभावक धनाभाव के कारण अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेज पाने में असमर्थ हैं, साथ ही हाईस्कूल व इंटर की शिक्षा ग्रहण करने की लालसा रखने वालों को भारी भरकम रकम ख़र्च करनी पड़ती है। संचालन के पूर्व ही कॉलेज की सीढ़ियां, फर्श और दीवारें दरकना शुरू हो गई हैं।

कॉलेज के चहुंओर झांडियों का अंबार लग गया है। करोड़ों की लागत से बना ये इंटर कॉलेज लोकार्पण के 38 माह बाद भी चालू नहीं हो पाया है। पत्र के माध्यम पूर्व महामंत्री ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को मामले से अवगत कराते हुए जनहित को देखते हुए क्षेत्र की जनता के शैक्षिक उत्थान हेतु जल्द से जल्द राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज गुर्मुरा को शुरू कराने की बात कही।

Share This News
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Most Popular

Share This News