Saturday, July 31, 2021
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PM मोदी की कश्मीर पर बैठक में कुछ तो तय है…तभी आतंकियों में भय है, 24 घंटे में किया तीसरा हमला

प्रधानमंत्री मोदी की जम्मू कश्मीर को लेकर सर्वदलीय बैठक वाली पहल से घाटी के आतंकवादी बौखला से गए हैं। धरती के जन्नत को बंदूक और दहशत की आग में झोकने के नापाक मंसूबे रखने वाले दहशतगर्दों की बौखलाहट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सरता है कि पिछले 24 घंटे में आतंकवादियों ने एक-एक सुरक्षाबलों और नागरिकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पुलवामा के राजपौरा चौक के पास पुलिस और सीआरपीएफ की ज्वाइंट टीम पर आतंकियों ने हमला किया और एक ग्रेनेड भी फेंका। इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। आतंकियों के हमले के बाद सुरक्षाबलों ने इसका मुंहतोड़ जवाब भी दिया। हालांकि आतंकी हमला करके भाग गए। आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। 

इससे पहले श्रीनगर में हब्बाकदाल इलाके के पास अज्ञात आतंकवादियों ने उमर अहमद के रूप में पहचाने गए एक नागरिक को गोली मार दी। उसे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई है। 

जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के नौगाम इलाके में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के एक पुलिस अधिकारी की आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शहर के नौगाम थाना क्षेत्र के कनिपोरा में आतंकवादियों ने पुलिस निरीक्षक परवेज पर उनके आवास के पास गोली मारकर उन्हें घायल कर दिया। उन्होंने बताया कि अधिकारी को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। 

बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंचे नेता

जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 जून को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किए गए चार पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित 14 नेताओं में से अधिकतर नयी दिल्ली पहुंच गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती दिल्ली पहुंचीं। दिल्ली पहुंचते ही पीडीपी चीफ ने कहा है कि मैं यहां खुले दिमाग से प्रधानमंत्री मोदी से बात करने आई हूं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला गुरुवार को पहुंचेंगे। वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद से यह केंद्र और जम्मू कश्मीर की मुख्यधारा के राजनीतिक नेताओं के बीच पहली बैठक है। इस बैठक के लिए कोई एजेंडा तय नहीं किया गया है और जम्मू कश्मीर के नेताओं ने कहा कि वे खुले मन से इसमें शामिल होंगे। गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) के प्रवक्ता एवं माकपा नेता यूसुफ तारिगामी ने कहा, ‘‘हमें कोई एजेंडा नहीं दिया गया है। हम बैठक में यह जानने के लिए शामिल होंगे कि केंद्र क्या पेशकश कर रहा है।’’ तारिगामी उन 14 नेताओं में शामिल हैं जिन्हें प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में आमंत्रित किया गया है। अन्य आमंत्रित नेताओं में चार पूर्व मुख्यमंत्री-फारूक अब्दुल्ला, गुलाम नबी आजाद, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी शामिल हैं। कम्युनिस्ट नेता ने कहा कि पीएजीडी ‘‘वहां जम्मू कश्मीर के लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए होगा।’’ इस बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पार्टी के भीतर चर्चाओं का दौरा जारी रखा और देवेंद्र राणा के नेतृत्व में जम्मू के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से बुधवार को उनके आवास पर मिला। राणा ने कहा, ‘‘हमारा एकमात्र उद्देश्य एकल जम्मू कश्मीर, इसकी एकता एवं अखंडता को बरकरार रखने और जम्मू कश्मीर के लोगों की इच्छाओं तथा आकांक्षाओं को पूरा करने का है। 

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