Friday, July 30, 2021
Homeदेशउत्तराखंड में संवैधानिक संकट! क्या दोबारा हो सकता है नेतृत्व परिवर्तन?

उत्तराखंड में संवैधानिक संकट! क्या दोबारा हो सकता है नेतृत्व परिवर्तन?

देहरादून: कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मंत्री नव प्रभात ने रविवार को कहा कि राज्य में संवैधानिक संकट पैदा हो रहा है और राज्य में सरकार के नेतृत्व में एक बार फिर बदलाव होगा. विंध्यलीडर संवाद सूत्र ने उनके हवाले से कहा है, ‘उत्तराखंड में एक संवैधानिक संकट पैदा हो रहा है. वर्तमान में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत विधायक नहीं हैं. अपने पद पर बने रहने के लिए, उन्हें 9 सितंबर को छह महीने पूरे होने से पहले विधानसभा का निर्वाचित सदस्य बनना होगा. अब, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 151 ए के तहत, उस स्थिति में उप-चुनाव नहीं हो सकता, जहां आम चुनाव के लिए केवल एक साल बाकी है.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि गंगोत्री और हल्दवानी विधानसभा सीटें मौजूदा विधायकों की मौत की वजह से खाली हैं. उन्होंने कहा, ‘उत्तराखंड में दो विधानसभा सीटें खाली हैं. मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2022 में खत्म होगा. इसका मतलब है कि इस विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने में 9 महीने ही बचे हैं. अगर ऐसे देखा जाए तो 9 सितंबर के बाद मुख्यमंत्री पद पर तीरथ सिंह रावत के बने रहने संभव नहीं है. ऐसे मामले में उत्तराखंड में एक बार फिर नेतृत्व में बदलाव किया जाएगा.’

Share This News
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Most Popular

Share This News