Friday, July 30, 2021
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तीन सीटों पर भाजपा व दो पर अपनादल के प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित, पांच पर होगा मतदान

जिले की दस ब्लॉक प्रमुख सीटों में से तीन पर भाजपा व दो पर अपनादल के प्रत्याशियों के निर्विरोध हो जाने से भले ही भाजपा के खेमे से यह बात कही जा रही है हो कि सपा ने भाजपा व अपनादल एस के गठबंधन को वाकओवर दे दिया है लेकिन घोरावल में सपा द्वारा भाजपा प्रत्याशी की ,कीगई घेरेबंदी ने सत्ता पक्ष को असहज कर दिया

है । हालांकि नाम वापसी के दिन भाजपा नेतृत्व द्वारा घेराबंदी कर सपा प्रत्याशी का पर्चा वापस करा लिया गया था परन्तु सपा ने भाजपा के ही एक पुराने कार्यकर्ता आलोक रंजन जो कि कुशवाहा ( मौर्या ) बिरादरी के हैं ,को अपना समर्थन देकर निर्दल प्रत्याशी के रूप मे खड़ा कर सत्ता प्रतिष्ठान के चेहरे पर बल ला दिया है।वहीं दूसरी तरफ नामांकन के दिन इसका असर साफ – साफ दिखा भी जब घोरावल ब्लाक में नामांकन के समय विधायक अनिल मौर्या की गैरमौजूदगी रही जो पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही क्योंकिउनके द्वारा करमा सीट पर सीमा कोल के नामांकन में रहने के बावजूद , वहां से घोरावल की महज 30 किमी की दूरी तय न कर पाना , राजनीतिक गलियारे में खासा चर्चा का विषय बना ।

पूर्व एमएलसी केदार सिंह के करीबी एवं जिले में भाजपा नेता के रूप में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले आलोक सिंह नगवा ब्लाक के प्रमुख की दावेदारी कर रहे हैं और सपा ने यहां हीरालाल यादव की पत्नी राधिका यादव को मैदान में उतारकर चुनाव दिलचस्प बना दिया है ।

सपा के लोगों ने अपनी पूरी ताकत भी इस सीट पर झोंक दी है । 2015 के चुनाव में सपा की सत्ता रहने के बावजूद , सत्ता पक्ष के उम्मीदवार को हार सहनी पड़ी थी इसको देखते हुए सपा अपनी उस हार का बदला इस चुनाव में लेना चाह रही है इस लिहाज से नगवां को जिले की सबसे हॉट सीट माना जा रहा है । वहीं सदर विधायक भूपेश चौबे , जिलाध्यक्ष अजीत चौबे सहित भाजपा के अन्य दिग्गजों की नगवां क्षेत्र में लगातार दिख रही मौजूदगी ने सभी की नजरें इस सीट पर गडा दी हैं ।नगवां में सपा ने भाजपा के सामान्य उम्मीदवार के मुकाबले पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार को उतारकर मुकाबले को अगड़ा बनाम पिछड़ा कर लड़ाई को दिलचस्प बना दिया गया है ।

वहीं चोपन में कड़े प्रतिरोध के बाद सपा ने अपने प्रत्याशी का पर्चा वैध कराकर इस सीट को भी हॉट सीटों में शुमार बनाये रखा है । संवैधानिक पद होने के बावजूद प्रमुख के चुनाव को सत्ता पक्ष के लिए ज्यादा मुफीद माना जाता है यही कारण है कि सपा को जिले की 5 सीटों पर भाजपा और उसके सहयोगी दल अपना दल एस को वाक ओवर देना पड़ा । इसका फायदा उठा कर भाजपा ने तो राबर्ट्सगं, चतरा और दुद्धी की प्रमुख सीट को निर्विरोध करा ही लिया उसकी सहयोगी पार्टी अपनादल ने भी अपने दोनों प्रमूख प्रत्याशियों बभनी व म्योरपुर को निर्विरोध निर्वाचित करा लिया।

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