Wednesday, September 22, 2021
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मतांतरण के बाद भी कागज में हिंदू बन ले रहे आरक्षण का लाभ ,रोक के लिए पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

पूर्वांचल राज्य संघर्ष मोर्चा के संगठन प्रमुख एडवोकेट पवन पटेल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख जताई आपत्ति ,छिन सकता है आरक्षण का लाभ

सोनभद्र। मतांतरण पर चल रही बहस के बीच सोनभद्र के आदिवासी इलाकों में गरीबो को ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्म परिवर्तन करा इसाई धर्म अपना लेने के बावजूद उन परिवारों के एससी – एसटी एक्ट का लाभ लेने पर आपत्ति जताते हुए पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा के राष्ट्रीय संगठन प्रमुख एडवोकेट पवन पटेल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख इनके द्वारा लिए जा रहे आरक्षण के लाभ पर रोक लगाने की मांग की है। आपको बताते चलें कि हिन्दू अथवा बौद्ध धर्म को छोड़ हिंदू धर्म से अन्य किसी पंथ में मतांतरित होते ही अनुसूचित जाति – जनजाति के तहत मिलने वाला लाभ कानूनन स्वतः समाप्त हो जाताहै , ऐसे में यदि शासन ने इस पत्र का संज्ञान लेकर कार्रवाई की तो इशाई धर्म अपना चुके संबंधित परिवारों को मिलने वाला आरक्षण का लाभ छिनना तय है।

गौरतलब हो कि यदि उक्त पत्र पर शासन ने सज्ञान लेकर कार्यवाही की तो यह निर्णय अन्य जगहों के लिए नजीर बन सकता है तथा इससे मतांतरण पर भी अंकुश लगेगा। सोनभद्र के म्योरपुर,बभनी, दुद्धी व नगवां ब्लाक में के दर्जनों गांवों में ईसाई मिशनरियों का जाल फैला है, मतांतरण के लिए हर रविवार गांव – गांव चंगाई सभा लगाई जाती है जिसमें धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।एक अनुमान के मुताबिक जनपद के हजारों परिवार ने इन मिशनरियों के मोह पाश में फ़सककर अपना मूल धर्म छोड़ इशाई धर्म अपना लिया है परंतु मतांतरण के बाद भी हिन्दू धर्म के तहत मिलने वाले फायदे ले रहे हैं। ऐसे में जागरूक नागरिकों व राजनीतिक संगठनों की तरफ से धर्म परिवर्तन कर इशाई धर्म अपनाने वाले परिवारों को जारी अनुसूचित जाति, जनजाति प्रमाण पत्र सहित अन्य लाभो पर रोक लगाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है।

गौरतलब है कि विधि विशेषज्ञों की राय में हिन्दू अथवा बौद्ध धर्म से किसी भी अन्य पंथ अथवा धर्म में मतान्तरित होते ही अनुसूचित जाति ,जनजाति के तहत मिलने वाला लाभ कानूनन स्वतः समाप्त हो जाता है।ऐसे में हिन्दू धर्म के तहत जारी अनुसूचित जातियों, जनजातियों के प्रमाण पत्र पर यदि यह लोग लाभ ले रहे हैं तो उस पर रोक लगनी चाहिए।अब यदि उक्त पत्र का संज्ञान लेकर शासन कार्यवाही करता है तो सम्बंधित परिवारों को मिलने वाला आरक्षण का लाभ छिन सकता है

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