Monday, September 20, 2021
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कमीशन तय करने का आडियो वायरल होने से मचा हंगामा

लखनऊ नगर निगम के भ्रष्टाचार के किस्से हर जुबान पर

नगर आयुक्त के भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल रहे हैं ताकतवर लोग

सत्ता के एक बड़े केंद्र की खास कृपा है नगर आयुक्त पर

कुछ दिन पहले भी एक महिला अफ़सर से अभद्रता करते हुए ऑडियो हुआ था वायरल

लखनऊ । भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेस की नीति की पोल एक बार फिर खुल गयी है । ताजा मामला नगर निगम से जुड़ा है । सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो में एक एजेंट और नगर निगम आयुक्त के बीच काम दिलाने के एवज में बीस फीसदी कमीशन लेने की बातचीत सुनाई दे रही है । फिलहाल हम इस ऑडियो के सत्य या असत्य होने की पुष्टि नहीं करते।इस ऑडियो की बातचीत में एक महिला का भी जिक्र किया गया है । बताया जा रहा है कि उक्त महिला अपर आयुक्त हैं ।

इसके पहले भी नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी का एक महिला से अभद्रता का ऑडियो वायरल हो चुका है । अब लखनऊ नगर निगम के नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी का एक और नया कारनामा सामने आया है । वायरल ऑडियो में नगर आयुक्त और एक एजेंट के बीच काम दिलाने के एवज में बीस फीसदी कमीशन की बातचीत का खुलासा हुआ है । ऑडियो में एजेंट गाजियाबाद के एक एनजीओ को काम दिलाने और कमीशन की रकम एकाउंट में जमा कराने की बात करता सुनाई दे रहा है । दूसरी ओर से अधिकारी की ओर से केवल हां हूं की ही आवाज सुनाई दे रही है । ऑडियो में एजेंट यह कहते सुना जा रहा कि सर जो कंपनी काम करेगी वह गाजियाबाद की है । अमिताभ शुक्ला का एनजीओ है और उन्हीं की कंपनी काम करेगी । आप कहें तो शुक्ला जी को बुला ले । अभी दिल्ली में काम कर रहे हैं । दूर की कंपनी होगी तो किसी प्रकार की टीका – टिप्पणी भी नहीं होगी । काम भी आसानी से हो जाएगा । इस पर उधर से फिर हूं की आवाज सुनाई देती है । इसके बाद एजेंट चेक लेकर आरटीजीएस करवाने और धनराशि देने की बात कर रहा है ।

यह ऑडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है । ऑडियो वायरल होने के बाद नगर निगम में चर्चा का बाजार गर्म है । यही नहीं यह मामला नगर निगम के सदन में भी उठा । सपा – कांग्रेस के पार्षदों ने जमकर हंगामा किया । निगम के कुछ कर्मचारी भी इस मामले में जांच कराने की बात कह रहे हैं । इस मामले ने नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार और इसकी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है । वहीं लगतार हो रहे घोटालों में घिरी प्रदेश सरकार की एक बार फिर किरकिरी हो गई है । गौरतलब है कि नगर आयुक्त लगातार विवादों में रहे हैं और सत्ता में बैठे कुछ ताकतवर लोग उनके भ्रष्टाचार पर पर्दा डालते रहे हैं । उन पर सत्ता के बड़े केंद्र की कृपा है ।

आपको बताते चलें कि लखनऊ नगर निगम के वर्तमान आयुक्त इसके पूर्व सोनभद्र में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनाती के दौरान भी खासे चर्चित रहे हैं।कभी करोड़ो की लागत से बनने वाले टांका निर्माण हेतु ठेका अपने चहेते ठेकेदार को देने के लिए नियमों के मनमाने व्याख्या को लेकर तो कभी पंचायत विभाग में अपने कमीशन को लेकर।अब देखना होगा कि जीरो टॉलरेंस का ढिंढोरा पीटने वाली वर्तमान योगी सरकार में इनके जैसे अफसरों पर भी कार्यवाही होती है इस फिर सत्ता के गलियारों में ऊंची रसूख रखने वाले इन्हें बचाने में फिर एक बार कामयाब हो जाते हैं।

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