Monday, September 20, 2021
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इस बार नाग पंचमी पर 108 साल बाद बनने जा रहा है दुर्लभ संयोग, मिलेगा विशेष फल

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प्रशान्त भारद्वाज

हिंदू धर्म में नाग पंचमी का काफी खास महत्व होता है. इस दिन नाग देवता और सर्पों की पूजा की जाती है. इस बार नाग पंचमी 13 अगस्त 2021 को मनाई जाएगी. श्रावण माह की पञ्चमी तिथि को नाग देवताओं के पूजन के लिये अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है. नाग पञ्चमी महत्वपूर्ण दिनों में से एक है तथा यह पर्व श्रावण मास की शुक्ल पक्ष पञ्चमी को मनाया जाता है. यह माना जाता है कि, सर्पों को अर्पित किया जाने वाला कोई भी पूजन, नाग देवताओं के समक्ष पहुँच जाता है. इसलिए लोग इस अवसर पर, नाग देवताओं के प्रतिनिधि के रूप में जीवित सर्पों की पूजा करते हैं.
ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इस बार पड़ने वाली नाग पंचमी कई मायनों में खास होगी. इस साल नाग पंचमी पर लगभग 108 साल बाद दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है. काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए यह दुर्लभ संयोग अति लाभदायक है.
इस बार नाग पंचमी पर उत्तरा योग और हस्त नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है. ऐसे में इस दिन काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए की जानें वाली पूजा सबसे अधिक प्रभावशाली होती है.

नाग पंचमी का महत्व

नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है. नाग पंचमी के दिन पूजा करने पर सर्प से किसी भी प्रकार की हानि का भय नहीं रहता. जिनकी कुंडली में काल सर्प दोष होता है, उन्हें इस दिन पूजा करने से इस दोष से छुटकारा मिल जाती है. यह दोष तब लगता है, जब समस्त ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं. ऐसे व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है. इसके अलावा राहु-केतु की वजह से यदि जीवन में कोई कठिनाई आ रही है, तो भी नाग पंचमी के दिन सांपों की पूजा करने पर राहु-केतु का बुरा प्रभाव कम हो जाता है.

नाग पूजा की क्या है मान्यताएं

नाग पंचमी मनाने के पीछे कई मान्यताएं प्रचलित है. ऐसी मान्यता है कि श्रावण शुक्ल पंचमी तिथि को समस्त नाग वंश ब्रह्राजी के पास अपने को श्राप से मुक्ति पाने के लिए मिलने गए थे. तब ब्रह्राजी ने नागों को श्राप से मुक्ति किया था, इसके बाद से नागों का पूजा करने की परंपरा चली आ रही है. एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को कालिया नाग का वध किया था. इस तरह उन्होंने गोकुलवासियों की जान बचाई थी. तब से नाग पूजा का पर्व चला आ रहा है.

नाग पंचमी का शुभ मुहूर्त

पंचमी तिथि प्रारंभ 12 अगस्त 2021 को दोपहर 3 बजकर 24 मिनट पर

पंचमी तिथि समाप्त 13 अगस्त 2021 को दोपहर 1 बजकर 42 मिनट तक

नाग पंचमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 13 अगस्त 2021 सुबह 5 बजकर 49 मिनट से सुबह 8 बजकर 27 मिनट तक रहेगा.

नाग पंचमी पूजा मंत्र

मंत्र 1 : ॐ भुजंगेशाय विद्महे,
सर्पराजाय धीमहि,
तन्नो नाग: प्रचोदयात्।।

मंत्र 2 : ‘सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
ये च हेलिमरीचिस्था ये न्तरे दिवि संस्थिता:।।
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।
ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।’

इन उपायों को करने से सांप आपसे रहेंगे दूर

अक्‍सर बरसात के इस मौसम में जिन लोगों के घर काफी पुराने हो चुके हैं या फिर टूटे-फूटे हैं या फिर जो स्‍थान जंगल से सटे हैं वहां पर सांप निकल आते हैं। देश के कुछ हिस्‍सों में आज यानी सावन मास के कृष्‍ण पक्ष की पंचमी को नागपंचमी के रूप में मनाया जा रहा है तो वहीं कुछ राज्‍यों में नागपंचमी 13 अगस्‍त को मनाई जाएगी। इस अवसर पर हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे उपाय जिनको करने से सांप आपके घरों से दूर रहेंगे।

इस मंत्र का जप करने से सांप आपसे रहेंगे दूर

सर्पापसर्प भद्रं ते गच्छ सर्प महाविष। जन्मेजयस्य यज्ञान्ते आस्तीक वचनं स्मर।। आस्तीकवचनं समृत्वा यः सर्प न निवर्तते। शतधा भिद्यते मूर्धि्न शिंशपावृक्षको यथा।।

इस मंत्र के जप से सर्प भय दूर होता है। जिन घरों में लोग इस मंत्र को नियमित बोलते हैं उस घर में सांप नहीं आते। यह भी मान्यता है कि अगर घर में सांप आ जाए तो इस मंत्र को बोलने से सर्प तुरंत चला जाता है। नागपंचमी के दिन नाग पूजा के साथ इस मंत्र को बोलें। इस मंत्र के प्रभाव से सर्पदंश का भय भी दूर होता है।

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